बिज़नेस लोन के लिए प्रोजेक्ट रिपोर्ट कैसे बनाएँ: बैंक का फ़ॉर्मेट, DSCR, ब्रेक-ईवन और मुद्रा/PMEGP के लिए ज़रूरी हिस्से
- क्रेडिट अधिकारी पहले चार चीज़ें देखता है — प्रोजेक्ट लागत, फ़ाइनेंस के साधन (जो लागत के बराबर हों), DSCR (औसत 1.5+) और ब्रेक-ईवन (क्षमता का 60% से नीचे); ये पहले पन्ने पर रखें।
- मशीन की लागत कोटेशन से, प्रमोटर का योगदान (10–25%) बैलेंस शीट में दिखे, और कार्यशील पूँजी का मार्जिन प्रोजेक्ट लागत में शामिल हो।
- पहले साल 100% क्षमता और उद्योग से ऊँचा मार्जिन दिखाने वाली रिपोर्ट मिनटों में लौटती है — 50–60% से शुरू कर 3–4 साल में 80–85%।
मुद्रा, PMEGP, स्टैंड-अप इंडिया या साधारण टर्म लोन — बैंक की शाखा हर जगह एक ही दस्तावेज़ माँगती है: प्रोजेक्ट रिपोर्ट (DPR)। इंटरनेट से उतारे टेम्पलेट इसलिए फ़ेल होते हैं कि वे सबके लिए एक जैसे हैं; क्रेडिट अधिकारी के सवालों के क्रम में लिखी रिपोर्ट इसलिए पास होती है कि उसे पढ़ना आसान है। यह गाइड वही क्रम और हर हिस्से की सामग्री देती है।
रिपोर्ट का क्रम
| # | हिस्सा | क्या लिखें | अधिकारी क्या जाँचता है |
|---|---|---|---|
| 1 | सारांश (1 पन्ना) | नाम, संविधान, गतिविधि, जगह, प्रोजेक्ट लागत, माँगा लोन, अपना योगदान, DSCR, ब्रेक-ईवन | चार मुख्य आँकड़े ठीक हैं या नहीं |
| 2 | प्रमोटर | शिक्षा, इसी धंधे का अनुभव, मौजूदा कारोबार, नेट वर्थ, CIBIL, उद्यम/DPIIT | कौन चलाएगा, कौन चुकाएगा |
| 3 | प्रोजेक्ट | उत्पाद/सेवा, प्रक्रिया, क्षमता, कच्चा माल, बिजली-पानी, कर्मचारी, जगह | तकनीकी व्यवहार्यता, लाइसेंस |
| 4 | बाज़ार | माँग, ग्राहक, प्रतिस्पर्धी, क़ीमत, हाथ में ऑर्डर/LOI | बिक्री का अनुमान विश्वसनीय है? |
| 5 | प्रोजेक्ट लागत | ज़मीन-भवन, मशीन (कोटेशन सहित), बिजली फ़िटिंग, फ़र्नीचर, प्रारंभिक खर्च, आकस्मिकता, कार्यशील पूँजी मार्जिन | मद-वार, बढ़ा-चढ़ा नहीं |
| 6 | फ़ाइनेंस के साधन | प्रमोटर योगदान, टर्म लोन, सब्सिडी (PMEGP), असुरक्षित ऋण — योग = लागत | ऋण-इक्विटी, योगदान का स्रोत |
| 7 | कार्यशील पूँजी | होल्डिंग अवधि, चालू संपत्ति-देनदारी, टर्नओवर विधि/MPBF से सीमा | कैश-क्रेडिट की माँग उचित? |
| 8 | अनुमानित लाभ (5–7 साल) | क्षमता उपयोग, बिक्री, लागत, मूल्यह्रास, ब्याज, टैक्स, शुद्ध लाभ | मार्जिन उद्योग से मेल खाता है? |
| 9 | कैश फ़्लो और बैलेंस शीट | स्रोत-उपयोग, अंतिम नक़द, हर साल की बैलेंस शीट | करंट रेशियो, TOL/TNW, नक़द कभी ऋणात्मक नहीं |
| 10 | चुकौती और DSCR | मोरेटोरियम, किस्तें, ब्याज, हर साल का DSCR और औसत | औसत ≥ 1.5, न्यूनतम ≥ 1.2 |
| 11 | ब्रेक-ईवन और संवेदनशीलता | ब्रेक-ईवन क्षमता; बिक्री −10% और लागत +10% पर DSCR | कमी झेलने की गुंजाइश |
| 12 | मान्यताएँ | हर दर, क़ीमत, वृद्धि, होल्डिंग दिन, ब्याज दर, टैक्स दर, मूल्यह्रास विधि | समिति के सामने बचाव |
| 13 | अनुलग्नक | कोटेशन, किराया एग्रीमेंट, लाइसेंस, KYC, ITR, बैंक स्टेटमेंट, उद्यम | दस्तावेज़ी समर्थन |
तीन सूत्र जो याद रखें
- DSCR = (कर-पश्चात लाभ + मूल्यह्रास + टर्म-लोन ब्याज) ÷ (टर्म-लोन ब्याज + मूलधन किस्त) — हर साल और औसत।
- ब्रेक-ईवन = स्थिर लागत ÷ प्रति इकाई योगदान (या योगदान अनुपात) — स्थापित क्षमता के % में।
- फ़ाइनेंस के साधन = प्रोजेक्ट लागत, रुपये तक — यह न मिलना सबसे आम और घातक ग़लती है।
योजना-विशेष बातें
- PMEGP: KVIC पोर्टल पर अपलोड; ज़मीन की लागत शामिल नहीं; सब्सिडी (15–35%) फ़ाइनेंस के साधन में बैक-एंडेड; योगदान 10% (विशेष श्रेणी 5%)।
- मुद्रा (किशोर/तरुण): 10–15 पन्नों की रिपोर्ट चलती है, पर लागत, साधन, अनुमान और DSCR ज़रूरी।
- स्टैंड-अप इंडिया: पोर्टल पर वही हिस्से; हैंडहोल्डिंग सहायता का ज़िक्र।
- ₹1 करोड़ से ऊपर टर्म लोन: कार्यशील पूँजी हिस्से के लिए बैंक-फ़ॉर्मेट CMA डेटा जोड़ें।
प्रोजेक्ट रिपोर्ट टूल आपके कोटेशन, क्षमता, क़ीमत और होल्डिंग अवधि से इसी क्रम में रिपोर्ट बनाता है और DSCR, ब्रेक-ईवन व संवेदनशीलता तालिका खुद निकालता है — ताकि अधिकारी के पहले चार सवाल पहले पन्ने पर उत्तर पाएँ।
आम ग़लतियाँ
- साधन और लागत का योग न मिलना।
- कार्यशील पूँजी मार्जिन प्रोजेक्ट लागत से बाहर — यूनिट पहले दिन से पैसे की तंगी में।
- पहले साल 100% क्षमता, उद्योग से ऊँचा मार्जिन।
- मशीन का कोटेशन न लगाना — बैंक बिना विक्रेता के आँकड़े पर फ़ाइनेंस नहीं करता।
- यूनिट चालू होने से पहले किस्त शुरू दिखाना — पहले साल का DSCR गिर जाता है।
- मान्यताओं का पन्ना न होना।
खुद करके देखें — मुफ़्त, बिना लॉगिन।
प्रोजेक्ट रिपोर्ट टूल खोलें →अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
बैंक लोन की प्रोजेक्ट रिपोर्ट में क्या-क्या होना चाहिए?
क्रम से: मुख्य आँकड़ों वाला सारांश, प्रमोटर का परिचय, प्रोजेक्ट विवरण, बाज़ार, कोटेशन सहित मद-वार प्रोजेक्ट लागत, लागत के बराबर फ़ाइनेंस के साधन, कार्यशील पूँजी आकलन, 5–7 साल का अनुमानित लाभ, कैश फ़्लो और बैलेंस शीट, चुकौती तालिका और DSCR, ब्रेक-ईवन व संवेदनशीलता, मान्यताओं का पन्ना और अनुलग्नक।
बैंक कितना DSCR चाहता है?
लोन अवधि में औसत कम से कम 1.5 और किसी भी साल 1.2 से नीचे नहीं। DSCR = (कर-पश्चात लाभ + मूल्यह्रास + टर्म-लोन ब्याज) ÷ (टर्म-लोन ब्याज + मूलधन किस्त)।
क्या प्रोजेक्ट रिपोर्ट CA से प्रमाणित होनी ज़रूरी है?
हर योजना या बैंक में अनिवार्य नहीं, पर कई शाखाएँ एक सीमा से ऊपर के अनुमानों पर CA/सलाहकार का प्रमाणन माँगती हैं और PMEGP की टास्क फ़ोर्स इसे पसंद करती है। हस्ताक्षर से ज़्यादा ज़रूरी यह है कि आँकड़े कोटेशन, ITR और GST रिटर्न से मेल खाएँ और मान्यताएँ लिखी हों।
प्रमोटर का योगदान कितना चाहिए?
PMEGP में प्रोजेक्ट लागत का 10% (विशेष श्रेणी में 5%); मुद्रा और CGTMSE वाले टर्म लोन में आमतौर पर 15–25%; स्टैंड-अप इंडिया में अन्य योजनाओं के मेल से 15% तक। योगदान बैंक खाते में दिखना चाहिए या उसका स्रोत लिखित हो।
यह सामान्य जानकारी है, आपके मामले की पेशेवर सलाह नहीं। नियम बदलते रहते हैं — नवीनतम अधिसूचना देखें या KyaTax विशेषज्ञ से पूछें। KyaTax एक तकनीकी और अनुपालन प्लेटफ़ॉर्म है।