ITR कैसे भरें 2026: नौकरीपेशा के लिए स्टेप-बाय-स्टेप गाइड (AY 2026-27)
- Form 16 से शुरुआत करें, पर AIS और 26AS ज़रूर मिलाएँ — CPC उसी से मिलान करता है।
- सैलरी + एक मकान + ब्याज, कुल आय ₹50 लाख तक = ITR-1; कैपिटल गेन या दो मकान = ITR-2।
- रिटर्न तब तक फाइल नहीं माना जाता जब तक 30 दिन में e-verify न हो।
नौकरीपेशा व्यक्ति अपना इनकम टैक्स रिटर्न खुद एक घंटे में भर सकता है। पोर्टल पर सैलरी, TDS और ब्याज पहले से भरे मिलते हैं, इसलिए काम "डेटा एंट्री" नहीं बल्कि "जाँचना, व्यवस्था चुनना, छूट लेना और e-verify करना" है। यह गाइड incometax.gov.in के स्क्रीन के क्रम में AY 2026-27 (FY 2025-26 की आय) के लिए लिखी गई है।
पहले ये पाँच दस्तावेज़ जुटाएँ
| दस्तावेज़ | कहाँ से मिलेगा | किस काम आएगा |
|---|---|---|
| Form 16 (Part A और B) | नियोक्ता से, 15 जून तक | ग्रॉस सैलरी, छूट, काटा गया TDS, नियोक्ता ने कौन-सी व्यवस्था लगाई |
| AIS (Annual Information Statement) | पोर्टल → Services → AIS | ब्याज, डिविडेंड, शेयर बिक्री — जो विभाग को पहले से पता है |
| Form 26AS | पोर्टल → e-File → View 26AS | TDS/TCS क्रेडिट और भरा हुआ एडवांस/सेल्फ-असेसमेंट टैक्स |
| बैंक ब्याज प्रमाणपत्र | नेट बैंकिंग | बचत और FD ब्याज — "अन्य स्रोत से आय" |
| निवेश और किराये के प्रमाण | अपने रिकॉर्ड | 80C, 80D, HRA, होम लोन — सिर्फ पुरानी व्यवस्था में |
कौन-सा फ़ॉर्म — ITR-1 या ITR-2
ITR-1 (सहज): निवासी व्यक्ति, कुल आय ₹50 लाख तक, सैलरी/पेंशन, एक मकान, ब्याज। AY 2026-27 में 112A के तहत ₹1.25 लाख तक का लिस्टेड शेयर/इक्विटी फंड का LTCG भी ITR-1 में दिखा सकते हैं (अगर कोई लॉस आगे नहीं ले जाना)। ITR-2: इससे ज़्यादा कैपिटल गेन, एक से ज़्यादा मकान, विदेशी संपत्ति/आय, कंपनी में डायरेक्टरशिप, अनलिस्टेड शेयर, या ₹50 लाख से ऊपर आय। ग़लत फ़ॉर्म चुनने पर रिटर्न धारा 139(9) में डिफेक्टिव हो जाता है।
पुरानी या नई व्यवस्था — पहले तय करें
FY 2025-26 में नई व्यवस्था डिफ़ॉल्ट है: ₹12 लाख तक की कर-योग्य आय पर 87A छूट से टैक्स शून्य, स्टैंडर्ड डिडक्शन ₹75,000, और नियोक्ता का NPS योगदान (80CCD(2)) मान्य — पर 80C, 80D, HRA और खुद के रहने वाले मकान का होम-लोन ब्याज नहीं। पुरानी व्यवस्था में ये सब मिलता है, स्लैब ऊँचे हैं और स्टैंडर्ड डिडक्शन ₹50,000 है। बिना किसी डिडक्शन वाले नौकरीपेशा के लिए हर आय स्तर पर नई व्यवस्था बेहतर है; पुरानी तभी जीतती है जब डिडक्शन बहुत बड़े हों — ऊँची आय पर मोटे तौर पर ₹8 लाख या ज़्यादा। दोनों को ITR विज़ार्ड पर साथ-साथ देखें। नियोक्ता ने TDS किस व्यवस्था में काटा, इससे आप बँधे नहीं हैं — रिटर्न में दूसरी चुन सकते हैं और अंतर रिफंड में आ जाएगा।
पोर्टल पर स्टेप-बाय-स्टेप
- PAN से लॉगिन → e-File → Income Tax Returns → File Income Tax Return।
- AY 2026-27 चुनें, मोड "Online", स्टेटस "Individual", फ़ॉर्म ITR-1 या ITR-2।
- Personal Information: नाम, पता, मोबाइल, ईमेल जाँचें; व्यवस्था चुनें; रिफंड के लिए प्री-वैलिडेटेड बैंक खाता चुनें।
- Gross Total Income: सैलरी Form 16 से प्री-फिल्ड — ग्रॉस, छूट वाले भत्ते, स्टैंडर्ड डिडक्शन जाँचें; मकान से आय और अन्य स्रोत (AIS का ब्याज, डिविडेंड) जोड़ें।
- Deductions: पुरानी व्यवस्था में 80C (₹1.5 लाख), 80CCD(1B) NPS (₹50,000), 80D, 80TTA, 80G; नई में मुख्यतः 80CCD(2)।
- Tax Paid: TDS (Form 16/16A), एडवांस और सेल्फ-असेसमेंट टैक्स 26AS से। कुछ छूटा तो रिफंड कम या डिमांड ज़्यादा।
- Tax Liability: टैक्स बनता है तो चालान 280 (टाइप 300) से सेल्फ-असेसमेंट टैक्स भरें और चालान विवरण डालें।
- Preview → Submit → e-Verify: आधार OTP सबसे तेज़; नेट बैंकिंग, बैंक EVC या ITR-V डाक से 30 दिन में।
31 जुलाई निकल गई तो?
नौकरीपेशा की अंतिम तारीख 31 जुलाई 2026 थी। 31 दिसंबर 2026 तक बिलेटेड रिटर्न (धारा 139(4)) भर सकते हैं: धारा 234F की लेट फ़ीस ₹1,000 (कुल आय ₹5 लाख तक) या ₹5,000, और बकाया टैक्स पर धारा 234A का 1% प्रति माह ब्याज। रिफंड फिर भी मिलता है, व्यवस्था भी चुन सकते हैं; बस कैपिटल/बिज़नेस लॉस आगे नहीं ले जा सकते। रिटर्न भर चुके हैं और ग़लती मिली — उसी 31 दिसंबर तक रिवाइज़्ड रिटर्न (139(5)), समय पर भरा था तो लेट फ़ीस नहीं।
आम ग़लतियाँ
- Submit के बाद e-verify न करना — रिटर्न अस्तित्व में ही नहीं आता।
- AIS से ज़्यादा Form 16 पर भरोसा — ब्याज, डिविडेंड, शेयर बिक्री AIS में होते हैं; छोड़ने पर 143(1) एडजस्टमेंट।
- बिना रसीद/मकान-मालिक के PAN के HRA (सालाना किराया ₹1 लाख से ऊपर)।
- दो Form 16, एक स्टैंडर्ड डिडक्शन — नौकरी बदली हो तो दोनों सैलरी जोड़ें; डिडक्शन कुल ₹75,000/₹50,000 ही है।
- रिफंड खाता प्री-वैलिडेट न करना — रिफंड फेल, फिर हफ़्तों का री-इश्यू।
खुद करके देखें — मुफ़्त, बिना लॉगिन।
ITR विज़ार्ड खोलें →अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
क्या मैं सिर्फ सैलरी आय पर खुद ITR भर सकता हूँ?
हाँ। Form 16, AIS और बैंक ब्याज प्रमाणपत्र के साथ ITR-1 एक घंटे से कम में भर जाता है क्योंकि सैलरी, TDS और ब्याज प्री-फिल्ड होते हैं। आपको आँकड़े जाँचने, कम टैक्स वाली व्यवस्था चुनने, छूटा हुआ जोड़ने, बकाया भरने और 30 दिन में e-verify करने हैं।
नियोक्ता ने नई व्यवस्था में TDS काटा, क्या रिटर्न में पुरानी चुन सकता हूँ?
हाँ। बिना बिज़नेस आय वाला नौकरीपेशा हर साल रिटर्न में व्यवस्था नए सिरे से चुनता है। अगर 80C, HRA और होम-लोन ब्याज के साथ पुरानी व्यवस्था में टैक्स कम है तो वही चुनें; ज़्यादा कटा TDS रिफंड में आएगा।
31 जुलाई 2026 के बाद भरने पर क्या होगा?
31 दिसंबर 2026 तक बिलेटेड रिटर्न (139(4)) भर सकते हैं। पोर्टल ₹1,000 (आय ₹5 लाख तक) या ₹5,000 की 234F लेट फ़ीस और बकाया टैक्स पर 1% प्रति माह 234A ब्याज जोड़ता है। रिफंड मिलता है; कैपिटल और बिज़नेस लॉस आगे नहीं ले जा सकते।
बचत खाते का ब्याज बताना ज़रूरी है अगर TDS नहीं कटा?
हाँ। सारा ब्याज "अन्य स्रोत से आय" में कर-योग्य है, TDS कटे या नहीं। पुरानी व्यवस्था में 80TTA के तहत बचत खाते के ब्याज पर ₹10,000 तक की छूट मिलती है (वरिष्ठ नागरिकों को 80TTB में ₹50,000, FD ब्याज समेत)।
यह सामान्य जानकारी है, आपके मामले की पेशेवर सलाह नहीं। नियम बदलते रहते हैं — नवीनतम अधिसूचना देखें या KyaTax विशेषज्ञ से पूछें। KyaTax एक तकनीकी और अनुपालन प्लेटफ़ॉर्म है।