KyaTax

इनकम टैक्स स्लैब 2026-27 और 2025-26: नई बनाम पुरानी व्यवस्था, ₹12 लाख तक टैक्स शून्य कैसे

अपडेट 2026-10-20 · 3 मिनट · KyaTax
🇬🇧 Read this guide in English: income tax slabs
संक्षेप में
  • नई व्यवस्था: ₹4 लाख तक शून्य, फिर 5/10/15/20/25% के स्लैब और ₹24 लाख से ऊपर 30%; बजट 2026 ने इसमें कोई बदलाव नहीं किया।
  • ₹12 लाख तक की कर-योग्य आय पर 87A छूट से टैक्स शून्य; नौकरीपेशा के लिए ₹75,000 स्टैंडर्ड डिडक्शन जोड़कर ₹12.75 लाख की सैलरी तक।
  • पुरानी व्यवस्था तभी फ़ायदेमंद जब डिडक्शन बहुत बड़े हों — ऊँची आय पर करीब ₹8 लाख या ज़्यादा।

हर साल "इनकम टैक्स स्लैब" गूगल पर सबसे ज़्यादा खोजे जाने वाले सवालों में है, और हर साल उत्तर में एक नया मोड़ आता है। 2026 में मोड़ यह है कि बजट 2026 ने स्लैब नहीं बदले, पर क़ानून बदल गया — 1 अप्रैल 2026 से Income-tax Act, 2025 लागू है और FY 2026-27 पहला "टैक्स ईयर" है। नीचे दोनों वर्षों के लिए लागू दरें, छूट और उदाहरण हैं।

नई व्यवस्था (डिफ़ॉल्ट) — FY 2025-26 और FY 2026-27 दोनों

कर-योग्य आयदर
₹4 लाख तकशून्य
₹4 – 8 लाख5%
₹8 – 12 लाख10%
₹12 – 16 लाख15%
₹16 – 20 लाख20%
₹20 – 24 लाख25%
₹24 लाख से ऊपर30%

धारा 87A छूट: कर-योग्य आय ₹12,00,000 तक हो तो ₹60,000 तक की छूट से टैक्स शून्य। ठीक ऊपर मार्जिनल रिलीफ़ — टैक्स कभी उस राशि से ज़्यादा नहीं होता जितनी आय ₹12 लाख से ऊपर है (₹12.25 लाख पर स्लैब टैक्स ₹63,750 बनता है पर सिर्फ ₹25,000 + सेस देना होता है)। छूट कैपिटल गेन जैसी विशेष-दर आय पर नहीं मिलती। स्टैंडर्ड डिडक्शन ₹75,000। नई व्यवस्था में 80C, 80D, HRA, खुद के मकान का होम-लोन ब्याज नहीं; नियोक्ता का NPS (80CCD(2)) मिलता है।

पुरानी व्यवस्था (वैकल्पिक)

कर-योग्य आय60 से कम60–79 वर्ष80+ वर्ष
₹2.5 लाख तकशून्यशून्यशून्य
₹2.5 – 3 लाख5%शून्यशून्य
₹3 – 5 लाख5%5%शून्य
₹5 – 10 लाख20%20%20%
₹10 लाख से ऊपर30%30%30%

87A छूट: कर-योग्य आय ₹5 लाख तक पर ₹12,500 तक। स्टैंडर्ड डिडक्शन ₹50,000। सारे Chapter VI-A डिडक्शन, HRA, LTA और होम-लोन ब्याज (₹2 लाख तक) उपलब्ध।

सरचार्ज और सेस

उदाहरण — सिर्फ सैलरी

ग्रॉस सैलरीनई व्यवस्थापुरानी (बिना डिडक्शन)पुरानी (₹3 लाख डिडक्शन)
₹9,00,000₹0₹85,800₹23,400
₹12,75,000₹0₹1,95,000₹1,01,400
₹15,00,000₹1,05,300₹2,65,200₹1,71,600
₹20,00,000₹2,08,000₹4,21,200₹3,27,600

सेस समेत। अपने HRA, होम लोन और NPS के साथ सही आँकड़ा स्लैब पेज (लाइव) और कैलकुलेटर पर देखें — दोनों उसी नियम-इंजन से चलते हैं जो KyaTax का ITR विज़ार्ड इस्तेमाल करता है।

कौन-सी व्यवस्था चुनें

₹12 लाख तक कर-योग्य आय पर नई व्यवस्था शून्य टैक्स है, इसलिए वही जीतती है। ऊपर जाने पर पुरानी व्यवस्था तभी आगे निकलती है जब HRA + 80C + 80D + होम-लोन ब्याज + NPS मिलाकर करीब ₹8 लाख या ज़्यादा हों। बिना बिज़नेस आय वाले हर साल बदल सकते हैं; बिज़नेस आय वाले नई व्यवस्था से एक ही बार बाहर निकल सकते हैं।

आम ग़लतियाँ

खुद करके देखें — मुफ़्त, बिना लॉगिन।

स्लैब पेज (लाइव) खोलें →

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल

क्या ₹12 लाख तक की आय पर सच में टैक्स शून्य है?

नई व्यवस्था में कर-योग्य आय ₹12,00,000 तक पर 87A छूट (₹60,000 तक) से टैक्स शून्य है। नौकरीपेशा को ₹75,000 स्टैंडर्ड डिडक्शन मिलता है, इसलिए ₹12.75 लाख की सैलरी तक टैक्स नहीं। ठीक ऊपर मार्जिनल रिलीफ़ है। कैपिटल गेन जैसी विशेष-दर आय पर छूट नहीं।

बजट 2026 में स्लैब बदले?

नहीं। फ़रवरी 2026 के बजट ने नई व्यवस्था के स्लैब, 87A छूट और स्टैंडर्ड डिडक्शन FY 2026-27 के लिए वैसे ही रखे। बदला क़ानून — 1 अप्रैल 2026 से Income-tax Act, 2025 लागू है, जिसमें "टैक्स ईयर" की अवधारणा और नई धारा-संख्याएँ हैं।

पुरानी व्यवस्था में वरिष्ठ नागरिकों को क्या फ़ायदा है?

60–79 वर्ष के लिए शून्य-टैक्स सीमा ₹3 लाख और 80+ के लिए ₹5 लाख; 80TTB में ₹50,000 तक ब्याज छूट; 80D में ज़्यादा सीमा। नई व्यवस्था में उम्र के आधार पर कोई अलग स्लैब नहीं है।

मार्जिनल रिलीफ़ क्या है?

नई व्यवस्था में ₹12 लाख से थोड़ा ऊपर की कर-योग्य आय पर टैक्स उस राशि तक सीमित रहता है जितनी आय ₹12 लाख से ज़्यादा है। ₹12,25,000 पर स्लैब टैक्स ₹63,750 बनता, पर सिर्फ ₹25,000 (+ सेस) देना होता है।

यह सामान्य जानकारी है, आपके मामले की पेशेवर सलाह नहीं। नियम बदलते रहते हैं — नवीनतम अधिसूचना देखें या KyaTax विशेषज्ञ से पूछें। KyaTax एक तकनीकी और अनुपालन प्लेटफ़ॉर्म है।