ITR रिफंड स्टेटस कैसे चेक करें: पोर्टल और NSDL पर स्टेप, रिफंड कब आता है, न आए तो क्या करें
- रिफंड तभी बनता है जब रिटर्न e-verify हो और CPC 143(1) इंटिमेशन भेजे — आमतौर पर e-verify के 2–6 हफ़्ते में।
- रिफंड सिर्फ प्री-वैलिडेटेड, PAN-लिंक्ड बैंक खाते में आता है; "Refund failed" का 90% कारण यही है।
- रिफंड पर धारा 244A में 0.5% प्रति माह ब्याज मिलता है — पर रिटर्न देर से भरा हो तो देरी के महीने कटते हैं।
रिटर्न भरने के बाद सबसे ज़्यादा पूछा जाने वाला सवाल — "रिफंड कब आएगा?" जवाब पोर्टल पर एक मिनट में दिखता है, बशर्ते स्टेटस की भाषा समझ आए। यह गाइड दोनों जगह (इनकम टैक्स पोर्टल और NSDL/Protean) स्टेटस देखने के स्टेप, हर स्टेटस का मतलब और अटके रिफंड को निकालने के तरीक़े बताती है।
स्टेटस कहाँ देखें
- incometax.gov.in → लॉगिन → e-File → Income Tax Returns → View Filed Returns → AY 2026-27 → "View Details" — यहाँ रिटर्न का पूरा सफ़र दिखता है: Verified → Processed → Refund issued/failed।
- बिना लॉगिन: tin.tin.nsdl.com/oltas/refundstatuslogin.html → PAN, AY → बैंक/SBI द्वारा रिफंड भेजे जाने का स्टेटस (रिफंड CPC से बैंकर को जाने के बाद ही यहाँ दिखता है)।
- ईमेल/SMS: CPC का 143(1) इंटिमेशन — इसमें रिफंड की राशि और ब्याज लिखा होता है; यही असली पुष्टि है।
हर स्टेटस का मतलब
| स्टेटस | मतलब | आप क्या करें |
|---|---|---|
| Return submitted, not verified | e-verify नहीं हुआ — प्रोसेसिंग शुरू ही नहीं | 30 दिन में आधार OTP/नेट बैंकिंग से e-verify करें |
| Successfully e-verified / Under processing | CPC के पास है | 2–6 हफ़्ते इंतज़ार |
| Processed with refund due | 143(1) जारी, रिफंड बैंकर को भेजा | 5–10 दिन में खाते में; NSDL पर ट्रैक करें |
| Refund issued | खाते में भेज दिया गया | बैंक स्टेटमेंट देखें; न आए तो बैंक से |
| Refund failed | खाता प्री-वैलिडेट नहीं/बंद/PAN से लिंक नहीं/IFSC ग़लत | खाता ठीक कर Refund Reissue अनुरोध |
| Processed, no demand no refund | CPC के हिसाब से रिफंड नहीं बनता | 143(1) में अपने और CPC के आँकड़ों का अंतर देखें; असहमत हों तो rectification (154) |
| Refund adjusted against outstanding demand (245) | पिछले साल की बकाया डिमांड में समायोजित | 245 नोटिस का 30 दिन में जवाब दें — डिमांड ग़लत हो तो असहमति दर्ज करें |
| Defective return (139(9)) | रिटर्न में कमी | 15 दिन में सुधार कर जवाब दें, वरना रिटर्न अमान्य |
रिफंड न आए तो — क्रम से
- e-verify जाँचें — सबसे आम चूक।
- बैंक खाता: Profile → My Bank Account → खाता "Validated" और "Nominated for refund" हो; PAN खाते से लिंक हो; नाम मेल खाए।
- Refund Reissue: Services → Refund Reissue → नया/सही खाता चुनकर अनुरोध; 2–3 हफ़्ते।
- 143(1) का अंतर: TDS क्रेडिट कम माना गया? 26AS से मिलाएँ; कटौतीकर्ता की रिटर्न में ग़लती हो तो उससे सुधार कराएँ और rectification दायर करें।
- Grievance: e-Nivaran पर शिकायत; 1800-103-0025 हेल्पलाइन।
रिफंड पर ब्याज
धारा 244A में रिफंड पर 0.5% प्रति माह (6% वार्षिक) ब्याज मिलता है — TDS/एडवांस टैक्स के रिफंड पर 1 अप्रैल से, सेल्फ-असेसमेंट टैक्स के रिफंड पर भुगतान की तारीख से — रिफंड जारी होने तक। रिटर्न देर से भरा हो तो देरी की अवधि का ब्याज नहीं मिलता। रिफंड कुल टैक्स के 10% से कम हो तो ब्याज नहीं। यह ब्याज उस साल की आय में कर-योग्य है।
रिफंड बनना चाहिए था या नहीं — यह जाँचने और छूटे क्रेडिट पकड़ने के लिए रिफंड फ़ाइंडर उपयोगी है।
आम ग़लतियाँ
- रिटर्न भरकर e-verify भूल जाना और महीनों रिफंड का इंतज़ार।
- बंद या संयुक्त खाता रिफंड के लिए चुनना।
- 245 नोटिस को नज़रअंदाज़ करना — ग़लत पुरानी डिमांड में रिफंड चला जाता है।
- NSDL पर "No record found" देखकर घबराना — CPC से बैंकर को जाने से पहले वहाँ कुछ नहीं दिखता।
- 143(1) इंटिमेशन न पढ़ना — उसमें लिखा होता है रिफंड क्यों कम/ज़्यादा हुआ।
खुद करके देखें — मुफ़्त, बिना लॉगिन।
रिफंड फ़ाइंडर खोलें →अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
ITR रिफंड आने में कितने दिन लगते हैं?
e-verify के बाद CPC आमतौर पर 2–6 हफ़्ते में रिटर्न प्रोसेस कर 143(1) इंटिमेशन भेजता है, और रिफंड उसके 5–10 दिन में प्री-वैलिडेटेड बैंक खाते में आता है। सरल ITR-1 अक्सर 1–3 हफ़्ते में निपट जाती है; जटिल रिटर्न या जाँच में ज़्यादा समय।
रिफंड स्टेटस "Refund failed" क्यों दिखा रहा है?
लगभग हमेशा बैंक खाते की वजह से — खाता प्री-वैलिडेट नहीं, PAN से लिंक नहीं, बंद/डॉर्मेंट है, IFSC पुराना है या नाम मेल नहीं खाता। खाता ठीक कर पोर्टल पर Services → Refund Reissue से दोबारा अनुरोध करें।
क्या रिफंड पर ब्याज मिलता है?
हाँ, धारा 244A में 0.5% प्रति माह — TDS/एडवांस टैक्स के रिफंड पर 1 अप्रैल से रिफंड की तारीख तक। रिटर्न देर से भरा हो तो देरी की अवधि छूट जाती है, और रिफंड कुल टैक्स के 10% से कम हो तो ब्याज नहीं मिलता। मिला ब्याज कर-योग्य है।
रिफंड पुरानी डिमांड में एडजस्ट हो गया, क्या करें?
धारा 245 का नोटिस पहले आता है; 30 दिन में पोर्टल पर जवाब दें — डिमांड सही है तो स्वीकारें, ग़लत है (पहले चुकाई, TDS क्रेडिट नहीं मिला) तो असहमति और कारण दर्ज करें। जवाब न देने पर समायोजन मान लिया जाता है।
यह सामान्य जानकारी है, आपके मामले की पेशेवर सलाह नहीं। नियम बदलते रहते हैं — नवीनतम अधिसूचना देखें या KyaTax विशेषज्ञ से पूछें। KyaTax एक तकनीकी और अनुपालन प्लेटफ़ॉर्म है।