ITR की लास्ट डेट निकल गई? बिलेटेड रिटर्न, 234F लेट फ़ीस, 234A ब्याज और 31 दिसंबर 2026 की समय-सीमा
- 31 जुलाई/31 अगस्त 2026 निकल जाने के बाद भी 31 दिसंबर 2026 तक बिलेटेड रिटर्न भर सकते हैं — रिफंड भी मिलता है।
- कीमत: 234F लेट फ़ीस ₹1,000 (आय ₹5 लाख तक) या ₹5,000, और बकाया टैक्स पर 1% प्रति माह 234A ब्याज; कैपिटल/बिज़नेस लॉस आगे नहीं ले जा सकते।
- रिटर्न न भरना लेट फ़ीस से कहीं महँगा है — 142(1) नोटिस, बेस्ट-जजमेंट आकलन और 50–200% जुर्माना।
नौकरीपेशा के लिए 31 जुलाई 2026 और ग़ैर-ऑडिट कारोबार/पेशे के लिए 31 अगस्त 2026 की तारीखें निकल चुकी हैं। हर साल इस समय दो तरह के लोग होते हैं: जो डर से रिटर्न ही नहीं भरते, और जो थोड़ी फ़ीस देकर भर देते हैं। दूसरा रास्ता हर तरह से सस्ता है। यह गाइड बताती है कि अब क्या-क्या संभव है, क्या कीमत है, और क्या खोता है।
अभी क्या-क्या भर सकते हैं
| रिटर्न | धारा | कब तक | किसके लिए |
|---|---|---|---|
| बिलेटेड रिटर्न | 139(4) | 31 दिसंबर 2026 | जिन्होंने AY 2026-27 का रिटर्न अब तक नहीं भरा |
| रिवाइज़्ड रिटर्न | 139(5) | 31 दिसंबर 2026 | जिन्होंने भरा पर ग़लती मिली (आय छूटी, ग़लत व्यवस्था, ग़लत बैंक) |
| अपडेटेड रिटर्न (ITR-U) | 139(8A) | AY के अंत से 48 महीने | 31 दिसंबर के बाद, सिर्फ अतिरिक्त टैक्स देकर; रिफंड/लॉस नहीं |
| ऑडिट मामलों का रिटर्न | 139(1) | 21 नवंबर 2026 (CBDT सर्कुलर 07/2026) | टैक्स ऑडिट वाले कारोबार — अभी "लेट" नहीं |
बिलेटेड रिटर्न की कीमत
- धारा 234F लेट फ़ीस: कुल आय ₹5 लाख तक — ₹1,000; उससे ऊपर — ₹5,000। आय मूल छूट सीमा से नीचे हो तो फ़ीस नहीं।
- धारा 234A ब्याज: बकाया टैक्स (TDS और एडवांस टैक्स घटाकर) पर 1% प्रति माह या उसके हिस्से पर, मूल तारीख से भरने की तारीख तक। उदाहरण: ₹16,000 बकाया, 15 अक्टूबर को भरा → अगस्त, सितंबर, अक्टूबर = 3 महीने = ₹480।
- 234B/234C: एडवांस टैक्स कम भरा था तो ये पहले से लागू हैं, बिलेटेड से नहीं बढ़ते।
- रिफंड पर मिलने वाला ब्याज देरी के महीनों का नहीं मिलता।
क्या खोते हैं
- कैपिटल लॉस और बिज़नेस लॉस आगे के वर्षों में सेट-ऑफ़ के लिए नहीं ले जा सकते — शेयर बाज़ार के नुकसान वाले यह सबसे ज़्यादा महसूस करते हैं।
- नहीं खोते: मकान-संपत्ति का लॉस और अवशोषित न हुआ मूल्यह्रास (depreciation) आगे जा सकते हैं; टैक्स व्यवस्था चुनने का अधिकार बना रहता है (बिना बिज़नेस आय वालों के लिए); रिफंड मिलता है।
न भरने पर क्या होता है
विभाग के पास AIS/TDS से आपकी आय का डेटा है। रिटर्न न मिलने पर 142(1) नोटिस, फिर 144 बेस्ट-जजमेंट आकलन (अधिकारी खुद आय तय करता है), धारा 270A में 50% से 200% तक जुर्माना, और ₹25 लाख से ऊपर टैक्स चोरी पर अभियोजन का प्रावधान। ₹5,000 की फ़ीस इसके सामने कुछ नहीं।
कैसे भरें
- Form 16, AIS, 26AS, ब्याज प्रमाणपत्र जुटाएँ — वही जो समय पर भरने में लगते।
- ITR विज़ार्ड (बिलेटेड के लिए तैयार) "Return type" में तारीख निकलने पर खुद बिलेटेड चुन लेता है और 234F फ़ीस व 234A ब्याज गणना में दिखा देता है — कोई सरप्राइज़ नहीं।
- पोर्टल पर फ़ाइलिंग सेक्शन 139(4) चुनें (रिवाइज़्ड के लिए 139(5) और मूल रिटर्न का acknowledgement नंबर व तारीख)।
- टैक्स + फ़ीस + ब्याज चालान 280 से भरें, चालान विवरण डालें, सबमिट करें और 30 दिन में e-verify करें — वरना यह भी "न भरा" गिना जाएगा।
आम ग़लतियाँ
- "लेट फ़ीस बचाने" के लिए रिटर्न ही न भरना — नोटिस और जुर्माना कई गुना।
- बिलेटेड रिटर्न में फ़ीस/ब्याज की गणना किए बिना सबमिट — डिमांड नोटिस आता है।
- 31 दिसंबर के बाद रिवाइज़ करने की कोशिश — तब सिर्फ ITR-U, और वह भी अतिरिक्त टैक्स के साथ।
- रिवाइज़्ड रिटर्न में मूल acknowledgement नंबर ग़लत — रिटर्न डिफेक्टिव।
- e-verify भूलना।
खुद करके देखें — मुफ़्त, बिना लॉगिन।
ITR विज़ार्ड (बिलेटेड के लिए तैयार) खोलें →अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
ITR की लास्ट डेट निकल गई, अब क्या करूँ?
31 दिसंबर 2026 तक बिलेटेड रिटर्न (धारा 139(4)) भरें। ₹1,000 (आय ₹5 लाख तक) या ₹5,000 की 234F लेट फ़ीस और बकाया टैक्स पर 1% मासिक 234A ब्याज लगेगा; रिफंड फिर भी मिलेगा। न भरने पर नोटिस और 50–200% तक जुर्माना संभव है।
बिलेटेड रिटर्न में लेट फ़ीस कितनी है?
धारा 234F में ₹5,000; कुल आय ₹5 लाख तक हो तो ₹1,000; आय मूल छूट सीमा से नीचे हो तो शून्य। इसके अलावा बकाया टैक्स पर धारा 234A में 1% प्रति माह (या उसके हिस्से पर) ब्याज मूल तारीख से भरने की तारीख तक।
रिवाइज़्ड रिटर्न कब तक भर सकते हैं?
AY 2026-27 के लिए 31 दिसंबर 2026 तक, धारा 139(5) में। मूल रिटर्न समय पर भरा था तो कोई लेट फ़ीस नहीं; मूल रिटर्न का acknowledgement नंबर और तारीख देनी होती है। बिलेटेड रिटर्न को भी इसी तारीख तक रिवाइज़ कर सकते हैं।
बिलेटेड रिटर्न में क्या नुकसान होता है?
कैपिटल लॉस और बिज़नेस लॉस आगे के वर्षों के लिए नहीं ले जा सकते, और देरी के महीनों का रिफंड ब्याज नहीं मिलता। मकान-संपत्ति का लॉस और मूल्यह्रास आगे जा सकते हैं; टैक्स व्यवस्था चुनने का अधिकार और रिफंड बना रहता है।
यह सामान्य जानकारी है, आपके मामले की पेशेवर सलाह नहीं। नियम बदलते रहते हैं — नवीनतम अधिसूचना देखें या KyaTax विशेषज्ञ से पूछें। KyaTax एक तकनीकी और अनुपालन प्लेटफ़ॉर्म है।