GST रिटर्न कैसे भरें: GSTR-1 और GSTR-3B स्टेप-बाय-स्टेप, तारीखें, लेट फ़ीस और QRMP
- हर रजिस्टर्ड कारोबार को दो रिटर्न भरनी हैं: GSTR-1 (बिक्री का ब्योरा, 11 तारीख) और GSTR-3B (सारांश + टैक्स भुगतान, 20 तारीख); शून्य बिक्री पर भी NIL रिटर्न ज़रूरी।
- GSTR-3B में इनपुट क्रेडिट उतना ही लें जितना GSTR-2B में दिख रहा है — यही सबसे बड़ा नोटिस-कारण है।
- ₹5 करोड़ तक टर्नओवर वाले QRMP चुनकर तिमाही रिटर्न और मासिक चालान कर सकते हैं।
GST रजिस्ट्रेशन मिलते ही हर महीने (या तिमाही) दो रिटर्न की ज़िम्मेदारी शुरू हो जाती है। ज़्यादातर पेनल्टी और नोटिस इसलिए नहीं आते कि कारोबार ने टैक्स चुराया, बल्कि इसलिए कि रिटर्न देर से भरी, NIL रिटर्न छोड़ दी, या GSTR-2B से मिलान किए बिना क्रेडिट ले लिया। यह गाइड दोनों रिटर्न को क्रम से समझाती है।
कौन-सी रिटर्न कब
| रिटर्न | क्या है | मासिक फ़ाइलर | QRMP (तिमाही) |
|---|---|---|---|
| GSTR-1 | बिक्री के इनवॉइस का ब्योरा — B2B इनवॉइस-वार, B2C सारांश, क्रेडिट/डेबिट नोट, HSN सारांश | अगले महीने की 11 तारीख | तिमाही के अगले महीने की 13 तारीख; बीच के महीनों में IFF (वैकल्पिक) |
| GSTR-3B | सारांश: बिक्री, ITC, देय टैक्स और भुगतान | अगले महीने की 20 तारीख | तिमाही के अगले महीने की 22/24 तारीख (राज्य अनुसार); टैक्स हर महीने PMT-06 से 25 तारीख तक |
| GSTR-9 / 9C | वार्षिक रिटर्न / मिलान विवरण | 31 दिसंबर; GSTR-9 ₹2 करोड़ से ऊपर अनिवार्य, 9C ₹5 करोड़ से ऊपर | |
GSTR-1 भरने के स्टेप
- gst.gov.in → Returns Dashboard → महीना/तिमाही चुनें → GSTR-1 "Prepare Online" (कम इनवॉइस) या ऑफ़लाइन टूल/JSON (ज़्यादा इनवॉइस)।
- B2B (4A): हर रजिस्टर्ड ग्राहक का इनवॉइस — GSTIN, नंबर, तारीख, टैक्सेबल वैल्यू, दर। यही आपके ग्राहक की GSTR-2B में जाता है, इसलिए ग़लती ग्राहक का क्रेडिट रोकती है।
- B2C Large (5A): इंटर-स्टेट, ₹1 लाख से ऊपर, अपंजीकृत ग्राहक — इनवॉइस-वार। B2C Others (7): बाकी बिक्री राज्य और दर के हिसाब से सारांश।
- क्रेडिट/डेबिट नोट (9B), एक्सपोर्ट (6A), एडवांस (11A/11B) लागू हों तो।
- HSN सारांश (12): ₹5 करोड़ से ऊपर 6-अंकी, नीचे 4-अंकी HSN अनिवार्य। दस्तावेज़ सारांश (13): जारी इनवॉइस की संख्या।
- Generate Summary → Preview PDF जाँचें → Submit → DSC/EVC से File। फ़ाइल होने के बाद सुधार सिर्फ अगली GSTR-1 में संशोधन से।
GSTR-3B भरने के स्टेप
- पोर्टल GSTR-1 से टेबल 3.1 (बिक्री) और GSTR-2B से टेबल 4 (ITC) ऑटो-ड्राफ़्ट करता है — इसे अपने खातों से मिलाएँ, आँख मूँदकर स्वीकार न करें।
- टेबल 3.1: टैक्सेबल बिक्री, शून्य-दर (एक्सपोर्ट), छूट वाली, रिवर्स चार्ज की खरीद।
- टेबल 4: उपलब्ध ITC (आयात, रिवर्स चार्ज, बाकी) घटा रिवर्सल (नियम 42/43, 180 दिन भुगतान न होना, धारा 17(5) के ब्लॉक्ड क्रेडिट)। GSTR-2B में न दिखने वाला क्रेडिट न लें।
- टेबल 6.1 भुगतान: क्रेडिट लेजर से सेट-ऑफ़ (IGST पहले), बाकी कैश लेजर में चालान से जमा करें (PMT-06)।
- Proceed to Payment → Offset → File with DSC/EVC। ARN सुरक्षित रखें।
NIL रिटर्न और SMS से फ़ाइलिंग
महीने में कोई बिक्री-खरीद न हो तो भी रिटर्न ज़रूरी है। NIL GSTR-1 और GSTR-3B रजिस्टर्ड मोबाइल से SMS भेजकर भी भरी जा सकती हैं (NIL 3B GSTIN टैक्सपीरियड → 14409)। छह महीने लगातार रिटर्न न भरने पर रजिस्ट्रेशन स्वतः रद्द होने की कार्रवाई शुरू होती है।
लेट फ़ीस और ब्याज
- GSTR-3B/GSTR-1 देर से: ₹50 प्रतिदिन (₹25 CGST + ₹25 SGST); NIL रिटर्न पर ₹20 प्रतिदिन; अधिकतम सीमा टर्नओवर के अनुसार (₹1.5 करोड़ तक ₹2,000, ₹5 करोड़ तक ₹5,000, ऊपर ₹10,000 प्रति रिटर्न)।
- देर से भुगतान पर ब्याज 18% प्रति वर्ष नेट कैश देनदारी पर; ग़लत लिया क्रेडिट इस्तेमाल करने पर भी 18%।
- GSTR-1 देर से भरने पर आपके ग्राहकों का क्रेडिट अगले महीने खिसकता है — कारोबारी रिश्ते पर सीधा असर।
तारीखें, मिलान और लेट-फ़ीस गणना एक जगह GST टूल्स (रिटर्न कैलेंडर और मिलान) में हैं।
आम ग़लतियाँ
- GSTR-2B मिलाए बिना किताबों के हिसाब से ITC लेना — DRC-01C/ASMT-10 नोटिस का सबसे बड़ा कारण।
- B2B इनवॉइस में ग्राहक का GSTIN ग़लत — ग्राहक का क्रेडिट अटकता है, आपको संशोधन करना पड़ता है।
- NIL रिटर्न छोड़ना "कुछ हुआ ही नहीं" सोचकर।
- QRMP में तिमाही रिटर्न पर मासिक PMT-06 भुगतान भूलना — ब्याज लगता है।
- GSTR-1 और 3B की बिक्री में अंतर — वार्षिक रिटर्न में सफ़ाई देनी पड़ती है और नोटिस आता है।
खुद करके देखें — मुफ़्त, बिना लॉगिन।
GST टूल्स (रिटर्न कैलेंडर और मिलान) खोलें →अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
GSTR-1 और GSTR-3B में क्या फ़र्क है?
GSTR-1 बिक्री का इनवॉइस-वार ब्योरा है जो 11 तारीख (QRMP में तिमाही 13) तक भरा जाता है और जिससे ग्राहकों की GSTR-2B बनती है। GSTR-3B सारांश रिटर्न है जिसमें बिक्री, इनपुट क्रेडिट और देय टैक्स का भुगतान होता है, 20 तारीख (QRMP में 22/24) तक।
GST रिटर्न देर से भरने पर कितनी लेट फ़ीस लगती है?
सामान्य रिटर्न पर ₹50 प्रतिदिन (CGST ₹25 + SGST ₹25) और NIL रिटर्न पर ₹20 प्रतिदिन, टर्नओवर के अनुसार अधिकतम ₹2,000/₹5,000/₹10,000 प्रति रिटर्न। देर से भुगतान किए टैक्स पर 18% वार्षिक ब्याज अलग से।
QRMP स्कीम क्या है?
पिछले साल ₹5 करोड़ तक टर्नओवर वाले करदाता GSTR-1 और GSTR-3B तिमाही भर सकते हैं, पर टैक्स हर महीने PMT-06 चालान से 25 तारीख तक देना होता है (फ़िक्स्ड सम 35% या वास्तविक)। B2B ग्राहकों को मासिक क्रेडिट देने के लिए IFF में इनवॉइस अपलोड कर सकते हैं।
अगर महीने में कोई बिक्री नहीं हुई तो रिटर्न भरनी होगी?
हाँ, NIL GSTR-1 और NIL GSTR-3B दोनों ज़रूरी हैं — पोर्टल से या रजिस्टर्ड मोबाइल से SMS द्वारा। न भरने पर ₹20 प्रतिदिन लेट फ़ीस और लगातार छह महीने चूकने पर रजिस्ट्रेशन रद्द होने की कार्रवाई।
यह सामान्य जानकारी है, आपके मामले की पेशेवर सलाह नहीं। नियम बदलते रहते हैं — नवीनतम अधिसूचना देखें या KyaTax विशेषज्ञ से पूछें। KyaTax एक तकनीकी और अनुपालन प्लेटफ़ॉर्म है।